महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाएं: जानिए व्रत के नियम और स्वादिष्ट फलाहार रेसिपी
डिजिटल डेस्क। महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का प्रमुख पर्व है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान सात्विक, शुद्ध और फलाहार भोजन करने की परंपरा है। ज्योतिष और आयुर्वेद दोनों के अनुसार व्रत में हल्का और ऊर्जा देने वाला भोजन शरीर व मन को शुद्ध रखता है।
व्रत में क्या खा सकते हैं
महाशिवरात्रि के व्रत में अनाज, दाल, सामान्य नमक और तामसिक भोजन वर्जित होता है। व्रत के दौरान फल, दूध, दही, छाछ, मेवे, साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, शकरकंद, आलू, मखाना और मूंगफली का सेवन किया जाता है। सेंधा नमक का प्रयोग ही किया जाता है।
साबूदाना खिचड़ी

सामग्री: साबूदाना, मूंगफली दाना, उबले आलू, हरी मिर्च, घी, जीरा, सेंधा नमक
विधि: साबूदाना 3–4 घंटे भिगोकर रखें। कड़ाही में घी गर्म कर जीरा डालें। हरी मिर्च और आलू डालकर भूनें। अब साबूदाना, मूंगफली और सेंधा नमक डालकर धीमी आंच पर चलाएं। नरम होते ही गैस बंद कर दें।
कुट्टू के आटे की पूरी

सामग्री: कुट्टू का आटा, उबले आलू, सेंधा नमक, घी/तेल
विधि: कुट्टू के आटे में मैश किए आलू और नमक मिलाकर नरम आटा गूंथें। छोटी पूरियां बेलकर मध्यम आंच पर तलें। दही या आलू की सब्जी के साथ परोसें।
सिंघाड़े के आटे का हलवा

सामग्री: सिंघाड़े का आटा, घी, दूध, चीनी/गुड़, इलायची
विधि: कड़ाही में घी गरम कर आटा धीमी आंच पर भूनें। दूध डालकर चलाएं। चीनी और इलायची मिलाकर गाढ़ा होने तक पकाएं।
फलाहारी मखाना सब्जी

सामग्री: मखाना, घी, जीरा, दही, सेंधा नमक
विधि: मखाने घी में हल्के भून लें। दूसरे बर्तन में घी, जीरा डालें, दही मिलाकर पकाएं। मखाने और नमक डालकर 5 मिनट पकाएं।
उपवास में ध्यान रखने योग्य बातें
व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पिएं। तला-भुना सीमित मात्रा में लें। मन और वाणी की शुद्धता बनाए रखें। जरूरतमंदों को फल या दूध का दान करना पुण्यकारी माना जाता है।
सही नियमों और संतुलित फलाहार के साथ रखा गया महाशिवरात्रि व्रत न केवल धार्मिक पुण्य देता है, बल्कि शरीर को भी ऊर्जा और शांति प्रदान करता है।



