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पीकेसी परियोजना बनेगी विकास की लाइफलाइन, एमपी-राजस्थान की बदलेगी किस्मत: डॉ. मोहन यादव

कोटा के सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री का संबोधन, सादगीपूर्ण विवाह और सामाजिक समरसता पर दिया संदेश

डिजिटल डेस्क। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) अंतर्राज्यीय परियोजना मध्यप्रदेश और राजस्थान के विकास की नई धुरी साबित होगी। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वीकृत इस परियोजना से दोनों राज्यों को जल संसाधन और सिंचाई के क्षेत्र में व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे किसानों और आम जनता की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री कोटा जिले में आयोजित श्रीकृष्ण यदुवंशी अहीर समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश “नदियों का मायका” है और राजस्थान उसका स्वाभाविक साझेदार राज्य है। चंबल नदी दोनों प्रदेशों को जोड़ने का कार्य कर रही है।

विवाह के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक सामाजिक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाला संस्कार है। सामूहिक विवाह को उन्होंने समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे अनावश्यक खर्चों में कमी आती है और आर्थिक बोझ कम होता है।

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही और बताया कि उन्होंने धर्म और लोकतंत्र दोनों का मार्ग दिखाया।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यदुवंशी समाज के युवा शिक्षा और राष्ट्र सेवा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों को सामाजिक समानता का मजबूत माध्यम बताया।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भी पीकेसी परियोजना को दोनों राज्यों के किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए इसकी सराहना की।

कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया और सामाजिक एकता व सादगी का संदेश दिया गया।

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