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30 हजार करोड़ से ज्यादा की सौगात: कैबिनेट ने विकास और जनकल्याण योजनाओं को दी मंजूरी

किसानों, वृद्धजनों, महिलाओं, श्रमिकों और जल योजनाओं पर फोकस, स्थानांतरण नीति 2026 को भी मिली स्वीकृति

डिजिटल डेस्क। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण को नई गति देने वाले कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने कुल 30 हजार 55 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को मंजूरी दी। इन निर्णयों में किसानों, वृद्धजनों, महिलाओं, दिव्यांगजनों, श्रमिकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़े प्रावधान शामिल हैं।

बैठक में राज्य कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति-2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके तहत 1 जून से 15 जून 2026 तक स्थानांतरण पर लगी रोक में शिथिलता रहेगी। नीति में पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने और गंभीर बीमारी वाले मामलों को विशेष प्राथमिकता देने का प्रावधान रखा गया है।

कैबिनेट ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अगले पांच वर्षों तक संचालन के लिए 11 हजार 608 करोड़ 47 लाख रुपये की स्वीकृति दी। योजना के तहत फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को न्यूनतम 1000 रुपये दावा राशि सुनिश्चित की जाएगी।

वृद्धजनों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों की सामाजिक सुरक्षा के लिए 15 हजार 184 करोड़ 42 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके तहत पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन राशि प्रदान की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजनाओं हेतु 593 करोड़ 24 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से कई नए गांवों और बसाहटों को जल जीवन मिशन से जोड़ा जाएगा।

महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए 156 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, पॉक्सो पीड़ित सहायता योजना और शौर्य दल योजना शामिल हैं। राज्य के नए जिलों और रेलवे स्टेशनों पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रभावी संचालन के लिए 360 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 444 लोक सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं और 733 सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं।

इसके अलावा श्रमिक कल्याण योजनाओं के लिए 1779 करोड़ रुपये तथा Atal Bihari Vajpayee Institute of Good Governance and Policy Analysis के संचालन और नीति अनुसंधान कार्यों के लिए 373 करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई।

कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में सुशासन, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत विकास को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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