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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग में किया अभिषेक, की गई विशेष पूजा-अर्चना

देशवासियों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की

डिजिटल डेस्क। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश प्रवास के प्रथम दिन गुरुवार को पवित्र तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर एवं द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से अभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

नंदी महाराज को बेलपत्र अर्पित कर लिया आशीर्वाद

ममलेश्वर मंदिर पहुंचने पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने गर्भगृह में प्रवेश से पहले नंदी महाराज की प्रतिमा पर बेलपत्र अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद मुख्य गर्भगृह में मंदिर के प्रधान पुजारियों ने वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन कराया। राष्ट्रपति ने श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना में सहभागिता की।

राज्यपाल ने किया स्वागत

ओंकारेश्वर तीर्थ पहुंचने पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।

स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मान

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के पश्चात खंडवा कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने राष्ट्रपति को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। वहीं क्षेत्रीय सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल ने उन्हें नर्मदेश्वर शिवलिंग, शंख तथा भगवान ओंकारेश्वर तीर्थ का छायाचित्र स्मृति स्वरूप प्रदान किया।

जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, क्षेत्रीय विधायक श्री नारायण पटेल, इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी श्री अनुराग सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आस्था और अध्यात्म का केंद्र है ओंकारेश्वर

नर्मदा नदी के मध्य स्थित ओंकार पर्वत पर अवस्थित ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर देश के प्रमुख शिवधामों में गिने जाते हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल यह तीर्थ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहता है। राष्ट्रपति का यह आध्यात्मिक दौरा प्रदेश के लिए विशेष महत्व का माना जा रहा है।

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