बेहतर कानून व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की मुस्तैदी जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर विशेष जोर

डिजिटल डेस्क। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सभी पुलिस कर्मियों को सतर्क और सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों के आसपास छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जाए और महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में पुलिस बल को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अपराध नियंत्रण और जांच को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक संसाधनों और तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
विवेचना अधिकारियों के लिए अन्वेषण भत्ते पर विचार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अपराधों की जांच करने वाले विवेचना अधिकारियों को विशेष अन्वेषण भत्ता देने के संबंध में गंभीरता से विचार किया जा रहा है। अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, साक्ष्य संकलन, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी तथा न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्चों को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के निर्देश
बैठक में बढ़ते साइबर अपराधों और सोशल मीडिया आधारित अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को आईटी कंसल्टेंट और साइबर विशेषज्ञों की सेवाएं प्राथमिकता से लेने के निर्देश दिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग से जुड़े अपराधों के विश्लेषण और रोकथाम के लिए भी विशेषज्ञ तंत्र विकसित करने पर चर्चा हुई।
सिंहस्थ-2028 के लिए स्थायी सुरक्षा और प्रबंधन ढांचा विकसित होगा
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि भीड़ प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, यातायात, वीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं दीर्घकालिक दृष्टि से विकसित की जाएं। उन्होंने कहा कि उज्जैन में विकसित होने वाले कंट्रोल रूम और अन्य व्यवस्थाएं केवल सिंहस्थ तक सीमित न रहकर स्थायी अधोसंरचना के रूप में उपयोगी बनें।
नवाचारों और पुलिस की सक्रिय भूमिका की सराहना
डॉ. यादव ने राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों के प्रशिक्षण, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, एयर एम्बुलेंस सहयोग, अग्निशमन सेवाओं और सैनिक कल्याण के क्षेत्र में पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने भोजशाला और बसंत पंचमी जैसे संवेदनशील अवसरों पर पुलिस की सजग भूमिका के लिए अधिकारियों और जवानों को बधाई भी दी।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और तकनीक आधारित निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने भू-माफिया, संगठित अपराधियों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों की संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाए तथा मुखबिर तंत्र को और मजबूत बनाया जाए।
साथ ही ई-चालान, ई-साक्ष्य और डिजिटल तकनीकों के व्यापक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को तकनीक आधारित पुलिसिंग में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए।
पुलिस कर्मियों के आवास और कल्याण पर भी फोकस
बैठक में पुलिस जवानों के लिए आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पुलिस हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से नए आवास निर्माण तथा कम लागत वाले आवासीय विकल्प विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत करने की आवश्यकता भी बताई।
नशा विरोधी अभियान और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए राज्यव्यापी नशा विरोधी अभियान को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों और आम नागरिकों को हेलमेट उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पुलिस विभाग को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।
प्रमुख निर्देश एक नजर में
- प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी रखें।
- स्कूल-कॉलेजों के आसपास महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- गौवंश संरक्षण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
- भू-माफिया और संगठित अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।
- ई-चालान और ई-साक्ष्य प्रणाली का अधिकतम उपयोग किया जाए।
- पुलिस जवानों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएं।
- नशा विरोधी अभियान को और प्रभावी बनाया जाए।
- सिंहस्थ-2028 के लिए आधुनिक सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन तंत्र विकसित किया जाए।
गृह विभाग की प्रमुख उपलब्धियां
सैनिक कल्याण में मध्यप्रदेश की सराहना
रक्षा मंत्रालय ने सैनिक कल्याण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार के कार्यों की प्रशंसा की है।
शासकीय आवासों का ऑनलाइन आवंटन
संपदा संचालनालय द्वारा शासकीय आवासों का ऑनलाइन आवंटन किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
आपदा प्रबंधन में क्षमता संवर्धन
राज्य में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता विकसित हो रही है।



