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भोपाल को मिली ‘हॉल ऑफ स्पेस एक्सप्लोरेशन’ की सौगात, अब अंतरिक्ष विज्ञान का रोमांच मिलेगा इंटरैक्टिव अंदाज में

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया अत्याधुनिक अंतरिक्ष अन्वेषण गैलरी का लोकार्पण, 30 से अधिक इंटरैक्टिव प्रदर्शों के जरिए जान सकेंगे ब्रह्मांड और भारत की अंतरिक्ष यात्रा।

डिजिटल डेस्क। राजधानी भोपाल के आंचलिक विज्ञान केंद्र में अब अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया को करीब से जानने और समझने का अनूठा अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को अत्याधुनिक ‘हॉल ऑफ स्पेस एक्सप्लोरेशन (अंतरिक्ष अन्वेषण गैलरी)’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने गैलरी का भ्रमण कर अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और प्रदर्शों का अनुभव लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह गैलरी मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। सीमित संसाधनों में तैयार की गई इस विश्वस्तरीय दीर्घा में विज्ञान को सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यहां स्थापित इंटरैक्टिव प्रदर्श बच्चों और युवाओं की वैज्ञानिक जिज्ञासाओं को नई दिशा देंगे तथा उन्हें भविष्य की तकनीकों से जोड़ने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है और मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि भोपाल में स्थापित यह अंतरिक्ष अन्वेषण गैलरी विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भारत की अंतरिक्ष यात्रा, आधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराएगी। यह पहल प्रदेश की स्पेस पॉलिसी को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

ब्रह्मांड से गगनयान तक की रोमांचक यात्रा

आंचलिक विज्ञान केंद्र में विकसित यह गैलरी केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) और भोपाल जिला प्रशासन के सहयोग से तैयार की गई है। यहां आगंतुक ब्रह्मांड की उत्पत्ति से लेकर आधुनिक अंतरिक्ष अभियानों तक की वैज्ञानिक यात्रा को अनुभवात्मक तरीके से समझ सकेंगे।

गैलरी में 30 से अधिक इंटरैक्टिव और इमर्सिव प्रदर्श लगाए गए हैं, जिनमें स्पेस फ्लाइट सिम्युलेटर, स्पेस वॉक, 3-डी खगोलीय अवलोकन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अंतरिक्ष अनुसंधान, स्पेस टूरिज्म, रॉकेट तकनीक, कक्षीय यांत्रिकी और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसी अवधारणाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।

भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का आकर्षक प्रदर्शन

गैलरी में भारत की अंतरिक्ष यात्रा को भी विशेष रूप से दर्शाया गया है। इसमें थुम्बा से पहले साउंडिंग रॉकेट के प्रक्षेपण, आर्यभट्ट उपग्रह, चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य-एल1 और आगामी गगनयान मिशन तक की उपलब्धियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, ऋग्वेद के नारदीय सूक्त और शून्य की अवधारणा को आधुनिक खगोल विज्ञान से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम में भोपाल महापौर मालती राय, नगर निगम सभापति किशन सूर्यवंशी, आंचलिक विज्ञान केंद्र के निदेशक साकेत सिंह कौरव, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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