एग्री-हॉर्टिकल्चर में मध्यप्रदेश बना देश का नंबर-1, इंटरनेशनल एक्सपो-2026 में जीता प्रथम पुरस्कार
भारत मंडपम में नवाचार, खाद्य प्रसंस्करण और किसान हितैषी योजनाओं का मिला राष्ट्रीय सम्मान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों और वैज्ञानिकों को दी बधाई

डिजिटल डेस्क। मध्यप्रदेश ने कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंटरनेशनल एग्री एंड हॉर्टिकल्चर एक्सपो-2026 में संपूर्ण एग्री-हॉर्टिकल्चर सेक्टर में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदेश को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए इसे सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

25 से 27 जुलाई तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय एक्सपो में देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और हजारों किसानों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश की प्रदर्शनी को नवाचार, प्रभावी योजनाओं के क्रियान्वयन और किसानों को खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने के सफल मॉडल के लिए सबसे बेहतर माना गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, वैल्यू एडिशन और उत्पादों के विपणन को लगातार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की इन पहलों को राष्ट्रीय मंच पर मिली यह पहचान भविष्य में किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात संवर्धन और किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार किसानों, उद्यमियों और विभागीय अधिकारियों की मेहनत का सम्मान है और इससे प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।
एक्सपो में कर्नाटक, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों ने आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक उत्पादों और अपनी योजनाओं का प्रदर्शन किया। प्रतिस्पर्धा के बीच मध्यप्रदेश ने अपनी अभिनव पहल और किसानों को उद्योगों से जोड़ने के मॉडल के दम पर पहला स्थान हासिल किया।
करीब 25 हजार किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और उद्यमियों ने इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का भ्रमण कर आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। एक्सपो का उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं और कृषि आधारित उद्योगों से जोड़कर कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना था।



