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मध्यप्रदेश बना ग्लोबल निवेश का नया गेटवे, लैटिन अमेरिका में बढ़ी ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों की मांग

भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार मंच में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आह्वान, निवेशकों को दिया साझेदारी का निमंत्रण

डिजिटल डेस्क। मध्यप्रदेश अब केवल देश के औद्योगिक विकास का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक निवेश और निर्यात का उभरता हुआ हब बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की उद्योग अनुकूल नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण ने मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में नई पहचान दिलाई है। लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों में ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जो प्रदेश की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश असीम संभावनाओं की धरती है। प्रदेश में 1.25 लाख एकड़ से अधिक रेडी-टू-यूज़ औद्योगिक भूमि, पांच लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, अत्याधुनिक रेल और हवाई संपर्क तथा स्थिर कानून-व्यवस्था निवेशकों को आकर्षित कर रही है।

निर्यात में 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3,835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। इस उपलब्धि में फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, कृषि आधारित उत्पाद, प्लास्टिक उत्पाद और जंबो बैग जैसे विनिर्माण क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

ब्राजील से मेक्सिको तक बढ़ रहा व्यापारिक दायरा

डॉ. यादव ने कहा कि ब्राजील, मेक्सिको, चिली, अर्जेंटीना, पेरू, कोलंबिया और डोमिनिकन रिपब्लिक जैसे देशों के साथ मध्यप्रदेश के व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। प्रदेश के फार्मा, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर वैश्विक बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

इंदौर-पीथमपुर बने फार्मा उद्योग के वैश्विक केंद्र

मुख्यमंत्री ने इंदौर और पीथमपुर को प्रदेश की औद्योगिक शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि यहां निर्मित दवाएं आज ब्राजील, पेरू और चिली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही हैं। इससे प्रदेश की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता को विश्व स्तर पर मान्यता मिल रही है।

‘लोकल से ग्लोबल’ की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को साकार करते हुए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचा रहा है। मध्यप्रदेश अब वैश्विक मूल्य श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और आने वाले वर्षों में छह नए औद्योगिक कॉरिडोर विकसित कर औद्योगिक विकास को और गति दी जाएगी।

कृषि, ऊर्जा और स्टार्टअप सेक्टर में अपार संभावनाएं

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का उभरता हुआ फूड बास्केट है। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हरित ऊर्जा, खनन, आईटी, डिजिटल तकनीक और स्टार्टअप क्षेत्र में लैटिन अमेरिकी देशों के साथ व्यापक सहयोग की संभावनाएं हैं। प्रदेश में 31 हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन क्षमता है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा का है।

महिला उद्यमिता में भी अग्रणी प्रदेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में छह हजार से अधिक स्टार्टअप संचालित हैं, जिनमें 45 प्रतिशत से अधिक का संचालन महिला उद्यमियों द्वारा किया जा रहा है। राज्य सरकार महिलाओं को उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

निवेशकों को दिया खुला आमंत्रण

मुख्यमंत्री ने व्यापार प्रतिनिधियों से कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश का स्थान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदारी का भरोसेमंद मंच है। उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और संयुक्त उद्यम विकसित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश में निवेश करना बड़े लाभ का सौदा है।”

15 देशों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच-2026 में 15 देशों के राजनयिकों, व्यापार प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और निवेशकों ने भाग लिया। मंच का उद्देश्य भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा प्रदान करना है।

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