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टीबी उन्मूलन के साथ नशामुक्त भारत अभियान को भी मिले गति : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

77वें टीबी सील अभियान का शुभारंभ, राज्यपाल ने युवाओं और बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर दिया जोर

डिजिटल डेस्क। टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए मरीजों की समय पर जांच, समुचित उपचार, पौष्टिक आहार और निरंतर निगरानी के साथ जन-जागरूकता भी जरूरी है। वहीं, नशे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए टीबी उन्मूलन के प्रयासों को नशामुक्त भारत अभियान से जोड़कर काम किया जाना चाहिए। यह बात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कही। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को नशे के आर्थिक, सामाजिक और मानसिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई।

राज्यपाल पटेल बुधवार को एमपी स्टेट टीबी एसोसिएशन के 77वें टीबी सील अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अभियान के सहयोग के लिए 11 हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी और अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।

घर से शुरू हो नशे के खिलाफ जागरूकता

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित नशामुक्त भारत अभियान स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। टीबी उन्मूलन के प्रयासों के साथ इस अभियान को भी प्रभावी ढंग से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जा सके।

उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को बचपन से ही नशे से दूर रहने के संस्कार दें। परिवार में ही संयमित जीवनशैली, अच्छे खानपान और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जानी चाहिए। युवाओं और बच्चों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर उन्हें स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना समय की जरूरत है।

टीबी मरीजों की जांच और उपचार को मिले प्राथमिकता

राज्यपाल पटेल ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रत्येक मरीज की समय पर जांच, उचित उपचार और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए। मरीजों को सही जानकारी और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराने के साथ पौष्टिक आहार की व्यवस्था पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने टीबी से पीड़ित लोगों को सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। राज्यपाल के अनुसार, टीबी उन्मूलन के कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर और लगातार संचालित किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता का लाभ पहुंच सके।

टीबी उन्मूलन में स्वयंसेवी संस्थाओं की अहम भूमिका

राज्यपाल ने टीबी सील अभियान से जुड़े सदस्यों और स्वयंसेवी संस्थाओं से इस दिशा में समर्पण भाव से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि टीबी से पीड़ित लोगों की सहायता करना मानव सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसे प्रयास समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में एमपी स्टेट टीबी एसोसिएशन के चेयरमैन जयपाल सचदेव ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीबी सील अभियान की जानकारी और जागरूकता से संबंधित किट का लोकार्पण भी किया।

चेयरमैन सचदेव ने अभियान की गतिविधियों और इसमें किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अभिजीत देशमुख ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारी, एमपी स्टेट टीबी एसोसिएशन के पदाधिकारी और टीबी सील अभियान से जुड़े सदस्य मौजूद रहे।

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