सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिली नई गति, 17 विकास परियोजनाओं को मंजूरी
16,910 करोड़ रुपये के 148 निर्माण कार्यों की समीक्षा, ओंकारेश्वर में हेलीपैड और आधुनिक अस्पताल बनाने के निर्देश

डिजिटल डेस्क। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिंहस्थ-2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, बेहतर यातायात, सुरक्षा और आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के लिए 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में उज्जैन सहित आसपास के जिलों में चल रहे 16,910 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 148 विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ-2028 के लिए सड़क नेटवर्क, घाट निर्माण, पेयजल व्यवस्था, आवासीय सुविधाएं और यातायात प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। साथ ही सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उज्जैन में सड़क और पुल निर्माण को मिली स्वीकृति
बैठक में उज्जैन शहर और पंचक्रोशी क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा मार्ग तक पुल और एप्रोच रोड निर्माण, कान्ह नदी पर समानांतर नया पुल, तपोभूमि से गंगेडी तक नई दो-लेन सड़क, पंचक्रोशी मार्ग का फोरलेन विस्तार, विश्राम गृह एवं सर्किट हाउस का उन्नयन, नई सड़कों का निर्माण तथा प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण शामिल है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाना है।
ओंकारेश्वर में विकसित होगा आधुनिक धार्मिक एवं पर्यटन ढांचा
समिति ने ओंकारेश्वर क्षेत्र में मंदिर परिसर के विकास, सीसी रोड निर्माण, रेलवे ओवरब्रिज, मल्टीलेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट, प्रशासनिक भवन, अस्पताल और स्टाफ क्वार्टर सहित कई परियोजनाओं को मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल और हेलीपैड निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ एयर एम्बुलेंस सेवाओं के संचालन में भी उपयोगी सिद्ध होगी।
ओंकारेश्वर-बड़वाह क्षेत्र के लिए बनेगा पृथक विकास प्राधिकरण
मुख्यमंत्री ने बड़वाह, ओंकारेश्वर और खेड़ीघाट क्षेत्र में विकास कार्यों के बेहतर समन्वय के लिए अलग प्राधिकरण गठित करने के निर्देश दिए। इससे खंडवा और खरगोन जिलों में चल रही परियोजनाओं को गति मिलेगी और विकास कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने पर भी जोर दिया।
आश्रम और गुरुकुल संभालेंगे घाटों का प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिप्रा नदी के घाटों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों तथा पार्किंग सुविधाओं का विकास समानांतर रूप से किया जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि घाटों के समीप स्थित आश्रमों और गुरुकुलों को घाट प्रबंधन से जोड़ा जाए, जिससे सिंहस्थ के बाद भी इन घाटों का बेहतर रखरखाव और उपयोग सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए अभी से शुरू होगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था का संचालन एकीकृत कंट्रोल रूम के माध्यम से किया जाएगा, जिसका नियंत्रण पुलिस विभाग के पास रहेगा।
उन्होंने पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए अभी से प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल शुरू करने के निर्देश दिए।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में समानता पर जोर
मार्ग चौड़ीकरण और विकास कार्यों के लिए आवश्यक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
उज्जैन में 15 लाख पौधरोपण का लक्ष्य
सिंहस्थ-2028 को पर्यावरणीय दृष्टि से भी आदर्श बनाने के लिए पंचक्रोशी मार्ग सहित पूरे उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने सघन पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए निजी क्षेत्र को मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन के साथ-साथ देवास, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन जैसे जिलों में भी श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
पेयजल, विश्राम स्थल, पार्किंग, जनसुविधा केंद्र और आवासीय व्यवस्थाओं के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशुपतिनाथ, नलखेड़ा, महेश्वर और मंडलेश्वर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर भी जोर दिया गया।
होटल और आवासीय परियोजनाओं की मंजूरी में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में होटल निर्माण से जुड़े बिल्डिंग परमिशन मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी होटल, लॉज, धर्मशाला और होम-स्टे की क्षमता तथा उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत डाटा तैयार करने को भी कहा।
महाकाल लोक में पत्थर और धातु की बनेंगी 99 नई प्रतिमाएं
मुख्यमंत्री ने उज्जैन को मूर्तिकला केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। महाकाल लोक में वर्तमान फाइबर प्रतिमाओं के स्थान पर पत्थर और धातु से निर्मित 99 नई प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
इन प्रतिमाओं के निर्माण में कटनी, छतरपुर और बालाघाट के उच्च गुणवत्ता वाले पत्थरों का उपयोग किया जाएगा तथा स्थानीय मूर्तिकारों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
युवाओं को मिलेगा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण
बैठक में मुख्यमंत्री ने वार्ड स्तर और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को आपदा प्रबंधन, सड़क दुर्घटना में प्राथमिक सहायता और राहत कार्यों का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
सिंहस्थ-2028 को लेकर सरकार का लक्ष्य
राज्य सरकार का लक्ष्य सिंहस्थ-2028 को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे आधुनिक आधारभूत संरचना, सुरक्षित प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के मॉडल के रूप में स्थापित करना है, जिससे उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों को दीर्घकालिक विकास का लाभ मिल सके।



