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सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा, हर घर तक पहुंचेगी बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, स्मार्ट मीटर और ड्रोन तकनीक से बिजली व्यवस्था हुई मजबूत

डिजिटल डेस्क। मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और बिजली व्यवस्था को अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के लिए सोलर पम्प और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर शहर तक सौर ऊर्जा के उपयोग को प्राथमिकता दी जाए, ताकि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो सके।

बैठक में ऊर्जा विभाग द्वारा किए गए नवाचारों की भी सराहना की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में ड्रोन आधारित पेट्रोलिंग के माध्यम से बिजली लाइनों की निगरानी की जा रही है, जिससे लाइन ट्रिपिंग में 35 प्रतिशत तक कमी आई है। वर्तमान में 400 और 132 केव्ही के 23 हजार टावरों की निगरानी ड्रोन के जरिए की जा रही है। इसके अलावा भोपाल, जबलपुर, इंदौर और दमोह में इंसुलेटेड वर्क प्लेटफॉर्म तकनीक का उपयोग कर चालू बिजली लाइनों पर सुरक्षित कार्य किए जा रहे हैं।

ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रदेश ने नया रिकॉर्ड बनाया है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने 14 जनवरी को 19 हजार 895 मेगावॉट विद्युत आपूर्ति कर अब तक की सर्वाधिक उपलब्धि दर्ज की। वहीं ट्रांसमिशन हानियां घटकर केवल 2.60 प्रतिशत रह गई हैं तथा पारेषण उपलब्धता 99.52 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

सरकार की समाधान योजना 2025-26 के तहत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। विलंबित बिजली बिलों पर सरचार्ज में छूट देकर करीब 1,970 करोड़ रुपये की देनदारियों का निराकरण किया गया तथा 473 करोड़ रुपये का सरचार्ज माफ किया गया। प्रदेश में 40 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और 47 हजार से अधिक सरकारी कार्यालय प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली पर संचालित हो रहे हैं।

नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मार्च 2024 में जहां कुल विद्युत क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत थी, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर 33 प्रतिशत हो गई है। वर्तमान में प्रदेश में 8 हजार 608 मेगावॉट ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से उत्पादित हो रही है, जिसमें 5 हजार 376 मेगावॉट योगदान सौर ऊर्जा का है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मजरों और टोलों के सभी घरों तक बिजली पहुंचाने का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही विद्युत बचत उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक तैयारी करने पर भी जोर दिया। बैठक में ऊर्जा मंत्री Pradyuman Singh Tomar, मुख्य सचिव Anurag Jain सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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