शिवपुरी से आत्मनिर्भर भारत को नई ताकत: 2,500 करोड़ के डिफेंस प्लांट से बनेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा मिसाइल इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया भूमिपूजन, 38 विकास कार्यों की सौगात; रक्षा उत्पादन, रोजगार और अधोसंरचना को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

डिजिटल डेस्क। मध्यप्रदेश का शिवपुरी जिला अब देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। लगभग 2,500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विधिवत भूमिपूजन किया। यह परियोजना दक्षिण एशिया के सबसे बड़े निजी मिसाइल इकोसिस्टम के रूप में विकसित होगी, जहां कच्चे माल से लेकर तैयार मिसाइल और गोला-बारूद तक का निर्माण एक ही परिसर में किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिवपुरी जिले के लिए 211 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 38 विकास कार्यों का ई-लोकार्पण और ई-भूमिपूजन भी किया। इनमें 166.72 करोड़ रुपये की लागत से 28 कार्यों का लोकार्पण तथा 44.57 करोड़ रुपये की लागत से 10 नए कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही करेरा, खनियांधाना और गणेशखेड़ा में 106 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तीन नए सांदीपनि शासकीय मॉडल विद्यालय भवनों का लोकार्पण भी किया गया।
‘भारत अब रक्षा उत्पादों का आयातक नहीं, निर्यातक बन चुका है’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर रहा है। जो देश कभी रक्षा उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था, वही आज आधुनिक रक्षा उत्पादों का निर्यात कर दुनिया में अपनी नई पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार का विश्वसनीय केंद्र बन चुका है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अब रक्षा उत्पादन, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक उद्योगों का नया हब बन रहा है। राज्य सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों और सरल प्रक्रियाओं के कारण वैश्विक कंपनियां मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रही हैं।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार, मजबूत होगी स्थानीय अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवपुरी में बनने वाला यह डिफेंस प्लांट केवल देश की सामरिक जरूरतों को पूरा नहीं करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगा। इस परियोजना से 4 से 5 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही स्थानीय लघु उद्योगों को रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
शिवपुरी के लिए विकास घोषणाओं की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी जिले के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इनमें प्रमुख रूप से—
- शिवपुरी शहर में 120 करोड़ रुपये की लागत से 14 किलोमीटर फोरलेन (सर्कुलर रोड) का निर्माण।
- 108 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा और आधुनिक पर्यटन केंद्र का विकास।
- ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में राजमाता विजयाराजे सिंधिया के नाम पर सुपर स्पेशियलिटी सेंटर, सीटी स्कैन और कार्डियोलॉजी यूनिट की स्थापना।
- सुभाषपुरा को नई तहसील का दर्जा।
- खोड़ में नया शासकीय महाविद्यालय।
- पिछोर के वीरा में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
- करेरा-भितरवार-समोहा डैम मार्ग का पक्की सड़क के रूप में निर्माण।
- जिले में नई फल एवं सब्जी मंडी।
- कोलारस विधानसभा क्षेत्र में नया सांदीपनि विद्यालय।
- जिला अस्पताल शिवपुरी में बच्चों के लिए 200 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
‘अब रक्षा उत्पादन के नक्शे पर चमकेगा शिवपुरी’ : सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत आज दुनिया के सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ा है और रक्षा उत्पादन में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी नीतियों के परिणामस्वरूप देश तेजी से रक्षा विनिर्माण में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में अदाणी समूह ने मध्यप्रदेश में 1.10 लाख करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की थी। शिवपुरी में स्थापित हो रहा यह डिफेंस प्लांट उसी संकल्प का साकार रूप है।
सिंधिया ने कहा कि इस परियोजना से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिवपुरी का नाम देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की उत्कृष्ट सड़क एवं लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी इसे निवेश का उभरता हुआ औद्योगिक केंद्र बना रही है।
‘रॉ मटेरियल से तैयार मिसाइल तक, सब कुछ एक ही परिसर में’
अदाणी समूह के प्रतिनिधि जीत अदाणी ने कहा कि शिवपुरी में बनने वाली यह अत्याधुनिक इकाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। यहां कच्चे माल से लेकर तैयार मिसाइल तक की संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया एक ही परिसर में होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश की सबसे मजबूत औद्योगिक ग्रोथ स्टोरी के रूप में उभर रहा है।
रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
शिवपुरी में स्थापित होने वाला यह डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्लांट केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता, आधुनिक विनिर्माण क्षमता और क्षेत्रीय आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को नई मजबूती मिलने के साथ-साथ देश की सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक सशक्त होगी।



