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मध्यप्रदेश में इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बढ़ रही सरकार 

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर मुख्यमंत्री का बड़ा संकेत, बोले- 'एक देश, एक विधान' के संकल्प को आगे बढ़ा रही सरकार

डिजिटल डेस्क। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड-यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश-एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर भोपाल के लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने और पौधरोपण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उनकी जयंती से 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की शुरुआत कर रही है। इस दौरान प्रदेश के पात्र और जरूरतमंद लोगों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है और विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रदेश सरकार भी रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश और आधारभूत संरचना के विस्तार पर तेजी से कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि भोपाल के सतगढ़ी में मध्यप्रदेश के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखी जा रही है। इसके अलावा राजधानी में 5 हजार और 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाले आधुनिक कन्वेंशन सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे भोपाल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलन और औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने रक्षा उत्पादन क्षेत्र में प्रदेश की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब मध्यप्रदेश में रक्षा उपकरण, मिसाइल और अन्य आधुनिक हथियारों का निर्माण होगा। चंबल क्षेत्र, जो लंबे समय से देश के वीर सैनिकों की कर्मभूमि रहा है, अब रक्षा निर्माण के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाएगा।

क्या है समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code)?

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का अर्थ है कि देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेना, उत्तराधिकार, संपत्ति का बंटवारा और पारिवारिक मामलों से जुड़े कानून धर्म के आधार पर अलग-अलग न होकर एक समान हों। वर्तमान में भारत में विभिन्न धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत (पर्सनल) कानून लागू हैं। यूसीसी लागू होने पर इन मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी।

संविधान में किस अनुच्छेद में है इसका उल्लेख?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों (Directive Principles of State Policy) के अंतर्गत उल्लेख किया गया है कि राज्य पूरे भारत में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।

हालांकि, नीति-निर्देशक तत्व न्यायालय द्वारा सीधे लागू नहीं कराए जा सकते, लेकिन शासन संचालन के लिए इन्हें महत्वपूर्ण मार्गदर्शक सिद्धांत माना जाता है।

यूसीसी को लेकर क्या है बहस?

समान नागरिक संहिता के समर्थकों का मानना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित होंगे, लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और कानून व्यवस्था अधिक एकरूप होगी।

वहीं, कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों का मानना है कि व्यक्तिगत कानून धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हैं, इसलिए किसी भी बदलाव से पहले व्यापक संवाद और सहमति आवश्यक है।

इसी कारण समान नागरिक संहिता लंबे समय से देश में सामाजिक, कानूनी और राजनीतिक विमर्श का महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है।

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