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मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा जर्मनी का सहयोग, निवेश और तकनीकी साझेदारी पर बनी सहमति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जर्मन प्रतिनिधिमंडल से की चर्चा, स्मार्ट मीटर और बिजली अधोसंरचना विकास के लिए बढ़ेगा सहयोग

डिजिटल डेस्क। मध्यप्रदेश और जर्मनी के बीच आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में जर्मनी के केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक (KfW Development Bank) के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर ऊर्जा, अधोसंरचना और निवेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक की कार्यकारी बोर्ड की सदस्या एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुश्री क्रिस्टियाने लाईबेक, कंट्री डायरेक्टर श्री वूल्फन मूथ, जर्मन दूतावास के प्रतिनिधि श्री गॉटफ्रीड वॉन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला, श्री विशेष गढ़पाले तथा केंद्र सरकार के अधिकारी भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत और जर्मनी के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते बेहद आत्मीय और विश्वासपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इन संबंधों को और मजबूत बनाने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर रही है, जिससे निवेश और तकनीकी सहयोग के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।

उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि दोनों पक्षों की साझेदारी भविष्य में और अधिक मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी के सहयोग से मध्यप्रदेश ऊर्जा दक्षता, हरित विकास और सतत अधोसंरचना के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।

बैठक के दौरान केएफडब्ल्यू बैंक के प्रतिनिधियों ने बताया कि एनर्जी रिफॉर्म प्रोग्राम के तहत प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में स्मार्ट मीटर स्थापित करने तथा फीडर विभक्तिकरण (फीडर सेपरेशन) के कार्यों के लिए लगभग 1,120 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी जानकारी दी कि एनर्जी रिफॉर्म फेज-2 के अंतर्गत प्रदेश में विद्युत वितरण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और सौर ऊर्जा आधारित कृषि फीडरों को बेहतर आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने हेतु लगभग 200 मिलियन यूरो के वित्तीय सहयोग में भी बैंक ने रुचि व्यक्त की है।

बैठक को मध्यप्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक विद्युत वितरण व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्य में ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण के साथ-साथ हरित विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

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