MP Farmers Protest: मूंग खरीदी पर सरकार झुकी, 60% उपज खरीदने के फैसले के बाद किसानों ने खत्म किया आंदोलन
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखा पत्र, खरीद लक्ष्य बढ़ाने का किया आग्रह; देर रात किसान घर लौटे
डिजिटल डेस्क। भोपाल में मंगलवार को हजारों किसानों के प्रदर्शन के बाद आखिरकार सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मूंग की 60 प्रतिशत उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने की घोषणा की। इस निर्णय के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने देर रात अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया और प्रदर्शनकारी किसान वापस अपने घरों की ओर लौटने लगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर राज्य में मूंग खरीदी जारी रखने और खरीद लक्ष्य बढ़ाने का आग्रह किया। इसके बाद सरकार ने किसानों की मांगों पर आंशिक सहमति जताते हुए 60 प्रतिशत उपज खरीदने का निर्णय लिया।
दिनभर प्रदर्शन से थमी भोपाल की रफ्तार
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में निकाला गया ‘किसान क्रांति मार्च’ बरखेड़ा से शुरू होकर होशंगाबाद रोड तक पहुंचा। हजारों किसानों ने बैरिकेड्स तोड़े और सड़क पर ही दाल-बाटी बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मिसरोद और CSIR-AMPRI तिराहे के पास रोकने की कोशिश की, लेकिन आंदोलन पूरे दिन जारी रहा।
प्रदर्शन के कारण होशंगाबाद रोड, बागसेवनिया, मिसरोद और आसपास के क्षेत्रों में लंबा ट्रैफिक जाम लगा। स्थिति को देखते हुए कई स्कूलों ने भी एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया।
किसानों की क्या थीं प्रमुख मांगें?
किसान लंबे समय से कई मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे थे। इनमें प्रमुख मांगें थीं—
- मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद MSP पर की जाए।
- खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था समाप्त की जाए।
- कम बारिश वाले क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- भावांतर योजना को समाप्त किया जाए।
हालांकि सरकार ने फिलहाल 60 प्रतिशत खरीद का फैसला लिया है, जबकि किसान पूरी उपज खरीदने की मांग पर अड़े हुए थे।
मंत्री-किसान वार्ता रही बेनतीजा
आंदोलन से पहले किसान प्रतिनिधिमंडल और कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के बीच बैठक हुई, लेकिन कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। बाद में मंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश का मूंग खरीद लक्ष्य 4.54 लाख टन से बढ़ाकर 8.06 लाख टन करने का अनुरोध किया।
प्रदेश में इस बार करीब 20.16 लाख टन मूंग उत्पादन का अनुमान है, जबकि अब तक 3.47 लाख पंजीकृत किसानों में से केवल 82 हजार किसानों की उपज ही खरीदी जा सकी है।
हाई कोर्ट ने ई-विकास प्रणाली पर लगाई मुहर
खाद वितरण में लागू ‘ई-विकास’ प्रणाली को चुनौती देने वाली कृषि आदान विक्रेता संघ की याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से लागू यह केंद्र सरकार का नीतिगत फैसला है। हालांकि किसान संगठन सर्वर की तकनीकी समस्याओं और ई-टोकन व्यवस्था को लेकर लगातार विरोध जता रहे हैं।
फिलहाल खत्म हुआ आंदोलन, लेकिन मांगें बरकरार
सरकार के 60 प्रतिशत खरीदी के फैसले के बाद किसानों ने फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है। हालांकि किसान संगठनों का कहना है कि यदि भविष्य में उनकी शेष मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। फिलहाल राजधानी में हालात सामान्य होने लगे हैं और प्रदर्शनकारी अपने-अपने गांवों की ओर लौट चुके हैं।



