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मध्यप्रदेश को मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, हर जिले में बनेगी हैचरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – मछली पालन क्षेत्र में 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, मोती उत्पादन को भी मिलेगा बढ़ावा

डिजिटल डेस्क। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मछली बीज उत्पादन में पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले ढाई वर्षों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में आधुनिक हैचरी (मछली बीज उत्पादन केंद्र) विकसित की जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध हो सके और उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयोजित मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह पवार, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, विभागीय सचिव श्री स्वतंत्र कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति से निवेश का नया दौर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की नई एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के कारण मत्स्य क्षेत्र में 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। विभाग को प्राप्त 2 लाख 91 हजार 938 केज (केज कल्चर) प्रस्तावों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। यह निवेश प्रदेश में रोजगार, उत्पादन और निर्यात की नई संभावनाएं पैदा करेगा।

मोती उत्पादन में भी बनेगा नया अवसर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में मोती उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए देश के अन्य अग्रणी राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों का अध्ययन किया जाए और उन्हें मध्यप्रदेश में लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के साथ मोती उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर सकता है।

कोल्ड चेन और निर्यात नेटवर्क पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते मत्स्य उत्पादन को देखते हुए कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन तथा परिवहन जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। साथ ही मछली उत्पादों की ब्रांडिंग और निर्यात के लिए मजबूत नेटवर्क विकसित किया जाए, जिससे प्रदेश के मत्स्य उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकें।

नदियों के पुनर्जीवन और जलीय पारिस्थितिकी संरक्षण पर जोर

डॉ. यादव ने संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों से नदियों के पुनर्जीवन और जलीय जीवों के संरक्षण के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (एक्वेटिक इकोसिस्टम) न केवल मत्स्य उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि जल संसाधनों पर आधारित पर्यटन गतिविधियों को भी नई दिशा देगा।

मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड में देश में दूसरा स्थान

समीक्षा बैठक में बताया गया कि मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत अंतर्देशीय जल क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। यह उपलब्धि राज्य में मत्स्य पालन को मिल रहे संस्थागत सहयोग और वित्तीय सशक्तीकरण का प्रमाण है।

सिवनी जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया प्रदेश का गौरव

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय स्तर पर अंतर्देशीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में वर्ष 2023-24 के लिए सिवनी जिले को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि प्रदेश के मत्स्य किसानों और विभागीय प्रयासों की सफलता का प्रतीक मानी जा रही है।

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