महाशिवरात्रि: सिंह राशि के जातकों को मिलता है मान सम्मान, आप भी जानें आप पर कैसी होगी बाबा की कृपा
डिजिटल डेस्क। महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पावन पर्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस रात्रि शिव-शक्ति का संयोग माना जाता है, इसलिए साधना, पूजा और व्रत का विशेष महत्व होता है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि पर निशिता काल में शिव पूजा करना सबसे अधिक फलदायी होता है। यह समय मध्यरात्रि के आसपास होता है। इसके अलावा चार प्रहरों में की जाने वाली पूजा भी शुभ मानी जाती है। प्रदोष काल में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर व्रत और पूजा का संकल्प लेना श्रेष्ठ माना गया है।
इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। बेलपत्र, भस्म, धतूरा और आक के फूल अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप और रात्रि जागरण करने से ग्रह दोष शांत होते हैं। तुलसी जल शिवजी को अर्पित नहीं करना चाहिए।
राशि के अनुसार महाशिवरात्रि का फल
- मेष और वृश्चिक राशि वालों को आत्मबल और साहस में वृद्धि का फल मिलता है।
- वृषभ और तुला राशि वालों को धन, सुख और पारिवारिक शांति प्राप्त होती है।
- मिथुन और कन्या राशि के लिए यह पर्व बुद्धि, करियर और निर्णय क्षमता को मजबूत करता है।
- कर्क राशि वालों को मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन मिलता है।
- सिंह राशि के जातकों को मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है।
- धनु और मीन राशि वालों के लिए यह पर्व आध्यात्मिक उन्नति और गुरु कृपा का कारक बनता है।
- मकर और कुंभ राशि के लोगों को कर्मक्षेत्र में सफलता और शनि दोष से राहत मिलने की मान्यता है।



